मिडिल ईस्ट संकट का असर: सर्राफा बाजार में हलचल, लगातार तीसरे दिन फिसले सोने और चांदी के दाम
वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वित्तीय बाजारों पर दिखने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण पैदा हुई अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमोडिटी मार्केट (MCX) पर सुबह के शुरुआती कारोबार के दौरान सोना 0.15% की कमजोरी के साथ ₹1,43,940 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इसी तरह, चांदी के वायदा भाव में भी मुनाफावसूली का दौर जारी रहा और यह 0.39% टूटकर ₹2,22,450 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों और महंगाई की चिंताओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक को थोड़ा धीमा किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद हाजिर सोना (Spot Gold) करीब 4,080 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता नजर आया। हालांकि, ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद से सोने के दामों में करीब 50,000 रुपये और चांदी में लगभग 2 लाख रुपये तक की भारी गिरावट आ चुकी है, जिससे खुदरा खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
दूसरी तरफ, खाड़ी देशों में पैदा हुए इस संकट का ऊर्जा बाजार पर बिल्कुल विपरीत असर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा ईरान पर की गई जवाबी सैन्य कार्रवाई से तेल आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.03% की बढ़त के साथ $78.82 प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.06% बढ़कर $74.29 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक समीकरणों के आधार पर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।