ताजा खबर

भारत में पिछले पांच सालों में 4 गुना बढ़े ₹100 करोड़ से ज़्यादा कमाने वाले लोग: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी

Photo Source :

Posted On:Tuesday, July 28, 2026

हाल ही में संसद में दिए गए एक महत्वपूर्ण बयान में, फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ स्टेट (MoS) पंकज चौधरी ने देश में आर्थिक विकास और उच्च आय वाले नागरिकों से जुड़े आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में भारी आय वाले अरबपतियों की संख्या में लगभग 4 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार द्वारा यह जानकारी तब सामने आई जब संसद में यह सवाल उठाया गया था कि क्या सरकार देश में लगातार बढ़ रहे अरबपतियों की संख्या से वाकिफ है।

आय-कर रिटर्न (ITR) के चौंकाने वाले आंकड़े

वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, इनकम-टैक्स रिटर्न (ITR) के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि असेसमेंट ईयर 2026 (AY26) के दौरान देश में कुल 576 ऐसे करदाता सामने आए जिन्होंने अपनी ग्रॉस टोटल इनकम ₹100 करोड़ या उससे अधिक घोषित की है।

तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो, असेसमेंट ईयर 2022 में ऐसे लोगों की संख्या मात्र 142 थी। इसका मतलब साफ है कि पिछले पांच वर्षों में ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई दिखाने वाले लोगों की संख्या में चार गुना की अभूतपूर्व तेजी आई है।

वर्ष-दर-वर्ष आंकड़ों का विश्लेषण

सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में उच्च आय वाले लोगों की संख्या में उतार-चढ़ाव इस प्रकार रहा है:

असेसमेंट ईयर (Assessment Year) ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा कमाई बताने वाले लोगों की संख्या
2021-22 (AY22) 142
2022-23 (AY23) 301
2023-24 (AY24) 284
2024-25 (AY25) 415
2025-26 (AY26) 576

इन आंकड़ों से पता चलता है कि हालांकि बीच के कुछ वर्षों (जैसे AY24) में इसमें मामूली गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार और तेज उछाल देखने को मिला है।

कानूनी परिभाषा और वेल्थ कंसंट्रेशन का मुद्दा

अपने लिखित जवाब में पंकज चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो पुराने इनकम-टैक्स एक्ट 1961 और न ही नए इनकम टैक्स एक्ट (ITA 2025) के तहत 'अरबपति' शब्द की कोई विशिष्ट कानूनी परिभाषा दी गई है। कर प्रणाली मुख्य रूप से आय और रिटर्न पर आधारित होती है।

इसके अलावा, संसद में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या केंद्र सरकार ने देश में बढ़ती संपत्ति के संकेंद्रण (Wealth Concentration), आय में बढ़ती असमानता, निवेश के रुझान, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास पर इसके प्रभावों का आकलन करने के लिए कोई विशेष अध्ययन कराया है। सरकार द्वारा इस दिशा में आर्थिक नीतियों और कर सुधारों के जरिए देश के संतुलित विकास को बढ़ावा देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.