विपक्षी एकता पर भाजपा का तीखा हमला: सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा— 'क्या इंडिया गठबंधन का अब भी है कोई अस्तित्व?'
नयी दिल्ली: संसद के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले देश की राजनीतिक फिजा में गर्माहट लाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार (16 जुलाई 2026) को भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयानों पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बार-बार होने वाली विदेश यात्राओं और विपक्षी दलों के बीच आपसी समन्वय की कमी को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि क्या इस तथाकथित विपक्षी मोर्चे का धरातल पर अब कोई अस्तित्व बचा भी है।
इस राजनीतिक घमासान और रणनीतिक विन्यास के सांख्यिकी विवरण पर गौर करें तो भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि यह बेहद संतोषजनक है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सत्र शुरू होने से महज चार दिन पहले विदेश से स्वदेश लौट आए हैं, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जरूर राहत की सांस ली होगी। त्रिवेदी ने विलेखों के आधार पर आरोप लगाया कि गठबंधन के घटक दलों के बीच गहरे मतभेद और आंतरिक कलह मुस्तैद हैं। उन्होंने कहा कि जो मोर्चा अपने नेतृत्व और साझा नीतियों को लेकर ही स्पष्ट नहीं है, वह संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय अपनी नाकामियों का सुरक्षा कवच ढूंढने के पुराने विवादों में उलझा हुआ है।
पार्टी के नियमों और बयानों के अनुसार, भाजपा ने दावा किया कि विपक्षी खेमे में आज अविश्वास का ऐसा माहौल है जहां एक दल को दूसरे पर और सांसदों को अपने ही सहयोगियों पर भरोसा नहीं रह गया है। त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगाकर देश का ध्यान भटकाने की व्यर्थ कोशिश कर रही है। खेल अब पूरी तरह से आगामी मानसून सत्र में दोनों पक्षों की विधायी रणनीतियों, विपक्षी दलों के आपसी सांख्यिकी तालमेल और जनता के मुद्दों पर होने वाली तीखी बहसों के कड़े मापदंडों पर टिका है।