चेन्नई: भारत के सबसे प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंट 'क्वांटबॉक्स चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स 2026' के चौथे संस्करण का आग़ाज़ एक बेहद रोमांचक और विखंडनकारी मुकाबले के साथ हुआ है। गुरुवार (16 जुलाई 2026) को प्रतियोगिता के पहले दिन फ्रांस के दिग्गज ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फिरोज़ा ने भारतीय ग्रैंडमास्टर एम. प्रणेश के खिलाफ काले मोहरों से खेलते हुए एकमात्र निर्णायक विलेख जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों के बीच 79 चालों तक चले इस मैराथन मैच में फिरोज़ा ने रूक-पॉन एंडगेम (Rook-Pawn Ending) के दौरान अपनी एफ-फाइल (f-file) के प्यादे का बेहतरीन रणनीतिक विन्यास करते हुए प्रणेश को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
इस हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट के सांख्यिकी विवरण और खेल लॉजिस्टिक्स पर गौर करें तो इस बार आठ शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स डबल-राउंड रॉबिन फॉर्मेट के कड़े नियमों के तहत एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। प्रतियोगिता में 75,00,000 रुपये का विशाल बजटीय प्राइज पूल और बेहद कीमती फिडे (FIDE) सर्किट पॉइंट्स दांव पर लगे हैं, जो वैश्विक रैंकिंग के पुराने विवादों को नया मोड़ दे सकते हैं। पहले दिन के अन्य मुकाबलों में भारतीय प्रशंसकों को कुछ कड़े ड्रॉ देखने को मिले, जहां नवनियुक्त वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने अपनी अनुशासित रक्षात्मक शैली से ड्रॉ पर रोक दिया।
इसके अलावा, दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी ने दिमित्री आंद्रेइकी के साथ मैच के 42वें मूव के बाद बाजी ड्रॉ करने का विलेख साझा किया। दिन का एकमात्र ऐसा मुकाबला जिसमें कोई भी भारतीय पैडलर शामिल नहीं था, वह उज्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव और अमेरिका के हंस नीमन के बीच खेला गया, जो 44 चालों के कड़े सांख्यिकी संघर्ष के बाद अंततः शांतिपूर्ण समझौते पर समाप्त हुआ। खेल अब पूरी तरह से इस टूर्नामेंट के आगामी दौरों, जटिल बोर्ड रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग के सांख्यिकी संतुलन पर टिका है, जो इस बार चेन्नई को शतरंज की वैश्विक राजधानी के रूप में मुस्तैद कर रहा है।