गर्मियों का मौसम आते ही लोग छुट्टियां बिताने और घूमने-फिरने का प्लान बनाने लगते हैं। हालांकि, हर जगह इस मौसम में घूमने के लिहाज से सही नहीं होती। जहां एक तरफ देश के पहाड़ी इलाके और घने जंगल इस मौसम में सुहावने हो जाते हैं, वहीं भारत के कुछ हिस्से भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और उमस की चपेट में आ जाते हैं। ऐसी जगहों पर जाना न सिर्फ आपकी जेब पर भारी पड़ेगा, बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है।
भारत की इन 5 प्रसिद्ध जगहों पर पीक समर (तेज गर्मी) के दौरान जाने से बचना चाहिए:
1. जैसलमेर (राजस्थान)
- गर्मी का हाल: गर्मियों के दिनों में यहां का तापमान अक्सर 45°C के पार चला जाता है।
- परेशानी: रेगिस्तानी इलाका होने के कारण दिन के समय धूप इतनी तेज होती है कि डेजर्ट सफारी, किलों की सैर और घूमना-फिरना बेहद थकाऊ और नामुमकिन सा हो जाता है।
- कब जाएं: जैसलमेर घूमने का सबसे सही समय अक्टूबर से फरवरी के बीच है, जब मौसम सुहावना होता है और रेगिस्तानी उत्सव (Desert Festivals) भी शुरू होते हैं।
2. दिल्ली (Delhi)
- गर्मी का हाल: राजधानी दिल्ली में मई-जून के दौरान सूखी गर्मी, चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं (लू) चलती हैं।
- परेशानी: इंडिया गेट, हुमायूं का मकबरा और लाल किला जैसी खुली जगहों पर घूमना बेहद कष्टदायक हो जाता है। दोपहर के समय लू के कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा बढ़ जाता है।
- कब जाएं: दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों और स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाने के लिए नवंबर से फरवरी का समय सबसे बेस्ट है।
3. वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
- गर्मी का हाल: गर्मियों में यहां का तापमान 42°C से ऊपर चला जाता है और हवा में भारी उमस (Humidity) रहती है।
- परेशानी: वाराणसी की तंग गलियों में घूमना या दोपहर के समय घाटों पर वक्त बिताना शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है।
- कब जाएं: गंगा आरती और बनारस की संस्कृति को करीब से देखने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे सही माना जाता है।
4. चेन्नई (तमिलनाडु)
- गर्मी का हाल: तटीय (Coastal) इलाका होने के कारण चेन्नई में तापमान के साथ-साथ उमस का स्तर बहुत ज्यादा होता है, जिससे असल तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है।
- परेशानी: मरीना बीच, कपालेश्वर मंदिर या फोर्ट सेंट जॉर्ज जैसी जगहों पर दिनभर घूमना अत्यधिक पसीने और चिपचिपी गर्मी के कारण आपको बीमार कर सकता है।
- कब जाएं: चेन्नई की यात्रा के लिए दिसंबर से फरवरी का महीना सबसे अनुकूल होता है।
5. कच्छ का रन (गुजरात)
- गर्मी का हाल: सफेद नमक का रेगिस्तान (White Rann) देखने में जितना खूबसूरत है, गर्मियों में यह उतना ही खतरनाक हो जाता है। यहां तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है।
- परेशानी: नमक की परत सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट (परावर्तित) करती है, जिससे गर्मी और चकाचौंध दोगुनी हो जाती है। इसके अलावा, गर्मियों में यहां का प्रसिद्ध 'रण उत्सव' भी आयोजित नहीं होता।
- कब जाएं: कच्छ के इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए नवंबर से फरवरी के बीच का समय चुनें।
गर्मियों में कहां जाएं? (बेस्ट विकल्प)
यदि आप इस गर्मी में घर से बाहर निकलना ही चाहते हैं, तो इन गर्म जगहों के बजाय शिमला (हिमाचल प्रदेश), तवांग (अरुणाचल प्रदेश), मुन्नार (केरल) या औली (उत्तराखंड) जैसे ठंडे और सुहावने हिल स्टेशंस का रुख कर सकते हैं।