मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता नजर आ रहा है। सरकार के साथ किसानों की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने धरना जारी रखने का फैसला किया है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे धरना स्थल पर ही बैठे रहेंगे।
किसानों के आंदोलन को देखते हुए राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। वहीं, आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए भोपाल के कई स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है।
बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के सामने किसानों का धरना
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसान पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुंचे। बड़ी संख्या में किसानों ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के सामने नर्मदापुरम रोड पर पहुंचकर धरना शुरू किया।
आंदोलन के दौरान किसानों ने रास्ते में लगाए गए पुलिस के तीन बैरिकेड पार किए। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या पुलिस-किसान टकराव की स्थिति सामने नहीं आई। किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
मूंग खरीदी बढ़ाने की मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में केंद्र सरकार से ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाना शामिल है। किसानों का कहना है कि प्रदेश में मूंग का उत्पादन काफी अधिक हुआ है, लेकिन सरकारी खरीदी की सीमा कम होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों को परेशानी हो सकती है।
किसान चाहते हैं कि सरकार खरीदी का दायरा बढ़ाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सके।
सरकार से बातचीत रही बेनतीजा
आंदोलन से पहले किसानों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसमें कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब सरकार को इस पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
किसानों की बड़ी संख्या में मौजूदगी को देखते हुए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहे।
फिलहाल किसानों का धरना जारी है और सभी की नजर सरकार की अगली बातचीत और फैसले पर बनी हुई है।