उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' राज्य में बालिका सशक्तिकरण का एक प्रमुख माध्यम बनकर उभरी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली कुल सहायता राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। यह राशि बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा (स्नातक या डिप्लोमा) तक छह विभिन्न चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बाल विवाह पर अंकुश लगाना और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। सामान्यतः एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है, किंतु जुड़वां बेटियों की स्थिति में तीसरी बेटी को भी सम्मिलित करने का प्रावधान रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल mksy.up.gov.in पर पंजीकरण कराना होता है। आवेदन के लिए बालिका एवं अभिभावकों के पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और बैंक खाता पासबुक जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की विकास खंड अधिकारी (BDO) या उप जिलाधिकारी (SDM) स्तर पर जांच के बाद स्वीकृति प्रदान की जाती है। यह योजना न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण में सुधार ला रही है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।