जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ओला और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले लाखों गिग और डिलीवरी पार्टनर्स (Gig & Platform Workers) के लिए पेंशन फंड नियामक PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने सामाजिक सुरक्षा का एक बड़ा नया रास्ता खोल दिया है। PFRDA ने 'NPS e-Shramik' (प्लेटफॉर्म सर्विस पार्टनर) मॉडल की आधिकारिक शुरुआत की है, जिसके तहत डिलीवरी पार्टनर्स मात्र 99 रुपये के शुरुआती अंशदान के साथ अपना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) खाता खोल सकते हैं।
गिग वर्कर्स की अनिश्चित और ऑर्डर-आधारित आय को ध्यान में रखते हुए इस योजना की योगदान प्रक्रिया को अत्यधिक लचीला बनाया गया है। इसमें मासिक या दैनिक आधार पर न्यूनतम अथवा अधिकतम निवेश की कोई कठोर सीमा नहीं रखी गई है, जिससे वर्कर अपनी दैनिक बचत के अनुसार इसमें पैसा जमा कर सकते हैं। इस मॉडल की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि एग्रीगेटर कंपनियां (जैसे स्विगी या जोमैटो) भी अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स के खातों में प्रत्यक्ष या सह-अंशदान (Joint Contribution) कर सकती हैं। यदि कंपनी योगदान न भी करे, तो भी वर्कर व्यक्तिगत रूप से इस खाते को चालू रख सकते हैं।
इस योजना का ऑनबोर्डिंग प्रोसेस पूरी तरह डिजिटल और दो चरणों में रखा गया है। प्लेटफॉर्म या प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) के माध्यम से वर्कर के आधार आधारित e-KYC व बैंक विवरण प्राप्त कर सहमति से तत्काल 'प्रान' (PRAN) जनरेट हो जाएगा। यदि कोई वर्कर एक से अधिक कंपनियों में काम करता है या भविष्य में कंपनी बदलता है, तो भी उसका एनपीएस खाता बिना किसी बाधा के पोर्टेबल रहेगा। इस पहल से देश के असंगठित क्षेत्र के लाखों युवाओं को वृद्धावस्था में नियमित वित्तीय सुरक्षा प्राप्त हो सकेगी।