पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के समूल विनाश के लिए शुरू किए गए विशेष पुलिस अभियान 'गैंगस्टरां ते वार' ने सफलतापूर्वक 200 दिन पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशानिर्देशों और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन के तहत राज्य भर में 1.09 लाख से अधिक स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने 1,532 घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) सहित 58,000 से अधिक असामाजिक तत्वों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (AGTF) प्रमोद बान के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं, बल्कि गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक्स, वित्तीय स्रोतों, हथियार आपूर्ति और विदेशों में बैठे आकाओं के डिजिटल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। पिछले 200 दिनों के दौरान पुलिस ने 990 अवैध आग्नेयास्त्र, 15 हैंड ग्रेनेड, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 2,700 से अधिक कारतूस जब्त कर आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को पंगु बना दिया है। इसके अतिरिक्त, ड्रग नेटवर्क पर प्रहार करते हुए 774 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, लाखों नशीली गोलियां और ₹1.80 करोड़ से ज्यादा की ड्रग मनी जब्त की गई है।
पंजाब पुलिस केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय पुलिस निकायों के साथ समन्वय बनाकर विदेशों से सक्रिय अपराधियों के प्रत्यर्पण (Extradition) और निर्वासन की प्रक्रियाओं को भी तेज कर रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजाब की धरती पर गैंगस्टर संस्कृति और अवैध वसूली नेटवर्क के लिए कोई जगह नहीं है, और यह निवारक पुलिसिंग अभियान आगे भी इसी कड़ाई से जारी रहेगा।