नई दिल्ली: देश की वित्तीय और बैंकिंग नियामक प्रणालियों को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के नवनियुक्त सचिव संजय लोहिया (Sanjay Lohiya) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल (Central Board of Directors) में आधिकारिक रूप से निदेशक नामित किया गया है। देश के शीर्ष बैंक आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, लोहिया का यह कार्यकाल 11 जून 2026 से प्रभावी हो गया है, जो अगले सरकारी आदेश या आगामी समीक्षा तक जारी रहेगा। रिजर्व बैंक का केंद्रीय निदेशक मंडल बैंक की सर्वोच्च नीति-निर्धारण और निर्णय लेने वाली संस्था है, जो देश की मौद्रिक स्थिरता और बैंकिंग प्रणालियों का नियमन करती है।
आरबीआई के इस प्रतिष्ठित बोर्ड में 1994 बैच के असम-मेघालय कैडर के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजय लोहिया पूर्व वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू (Nagaraju Maddirala) का स्थान लेंगे। नागराजू बीते 31 मई 2026 को अपनी शासकीय सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त (Superannuated) हो गए थे। स्थापित नियमों के मुताबिक, भारत सरकार के वित्तीय सेवा सचिव पदेन सदस्य के रूप में केंद्रीय बैंक के बोर्ड में सरकार के मुख्य प्रतिनिधि और नामित निदेशक होते हैं। संजय लोहिया ने इसी महीने की शुरुआत में, यानी 1 जून 2026 को वित्तीय सेवा विभाग के पूर्णकालिक सचिव का कार्यभार संभाला था। सचिव के रूप में पदोन्नत होने से ठीक पहले वे इसी विभाग में विशेष सचिव (Special Secretary) के पद पर तैनात थे, जिससे वे देश की राजकोषीय नीतियों से पूरी तरह अवगत हैं।
संजय लोहिया के पास केंद्र और राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर ढांचागत और नीतिगत सुधारों को लागू करने का एक लंबा और उत्कृष्ट प्रशासनिक अनुभव है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक लोहिया ने वित्त मंत्रालय में आने से पहले खान मंत्रालय (Ministry of Mines) में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य किया था, जहां उन्होंने खनिज रियायतों की नीलामी को तेज करने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई। इसके अलावा वे असम के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के बोर्ड में सरकारी नामित निदेशक की जिम्मेदारी भी निभाई थी। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल वित्तीय समावेशन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पूंजीकरण और बीमा क्षेत्र के सुधारों के इस दौर में लोहिया की यह नियुक्ति आरबीआई और सरकार के बीच बेहतर कूटनीतिक और आर्थिक समन्वय स्थापित करने में बेहद मददगार साबित होगी।