कपास किसानों को आधुनिक जानकारी और बेहतर बाजार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के 56वें स्थापना दिवस पर ‘कपास दर्शन’ बुलेटिन की शुरुआत की गई। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस पहल का शुभारंभ किया। इस बुलेटिन का उद्देश्य किसानों तक समय पर खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी, मौसम के पूर्वानुमान, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे बेहतर निर्णय लेकर अपनी आय बढ़ा सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपास केवल एक फसल नहीं, बल्कि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वस्त्र उद्योग की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कपास उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि सूचना और तकनीक की पहुंच बढ़ने से किसानों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दोनों मजबूत होंगी।
सरकार ने कपास उत्पादकों को राहत देते हुए नए विपणन सत्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भी वृद्धि की है। साथ ही ‘कपास उत्पादकता मिशन’ के तहत आने वाले वर्षों में बड़े निवेश की योजना बनाई गई है। इस मिशन का लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाली कपास, आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएं, जलवायु-अनुकूल खेती और भारतीय कपास की वैश्विक ब्रांडिंग को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय कपास उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल सकती है।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और किसान उत्पादक संगठनों ने भी भाग लिया। इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए और टिकाऊ खेती के महत्व पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और सही बाजार जानकारी किसानों तक समय पर पहुंचे, तो देश में कपास उत्पादन और निर्यात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यह पहल कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।