बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आज अत्यधिक हंगामेदार माहौल में शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सहित संपूर्ण विपक्ष ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले, छात्रों की आत्महत्या और राज्य में कथित प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व विपक्षी विधायकों और विधान पार्षदों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं को मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही धांधली के कारण निराश होकर छात्र आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन को बलपूर्वक समाप्त कराए जाने के मुद्दे पर भी सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। वहीं, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि राज्य में किसानों के शोषण और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्ष विधानसभा से लेकर सड़क तक लड़ाई जारी रखेगा।
सदन के बाहर का नजारा उस समय दिलचस्प हो गया जब एक तरफ नए मंत्रियों का स्वागत किया जा रहा था, वहीं ठीक बगल में विपक्ष के नेता विरोध प्रदर्शन में जुटे हुए थे। विपक्ष के तेवरों से स्पष्ट है कि यह मानसून सत्र काफी तूफानी रहने वाला है और सरकार को जवाबदेही तय करने के लिए भारी दबाव का सामना करना पड़ेगा।