बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वी उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर ठहरे मानसून के अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। इसके सक्रिय होने से वाराणसी समेत पूरे क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी भीषण गर्मी का दौर समाप्त हो जाएगा, जिसने लोगों को बेहाल कर रखा था।
आज वाराणसी के मौसम की बात करें तो तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, हवा की रफ्तार महज 5 किलोमीटर प्रति घंटा होने और हवा में 58 प्रतिशत नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण दिनभर लोग उमस से परेशान रहे। आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रही, लेकिन अपेक्षित बारिश न होने से फिलहाल गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिल सकी है।
मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए 30 जून से 2 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। इस दौरान क्षेत्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के साथ ही 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद, 3 से 5 जुलाई तक यलो अलर्ट (Yellow Alert) प्रभावी रहेगा, जिसके तहत तेज हवाओं (30 किमी/घंटा) के साथ मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
यह मानसूनी बारिश आम जनता के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के लिए भी बेहद निर्णायक साबित होगी। लखनऊ के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह के अनुसार, जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में होने वाली यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए संजीवनी का काम करती है। मानसून में पहले ही हो चुकी देरी के कारण लौकी, करेला, तोरई, भिंडी और ग्वार फली जैसी सब्जियों के साथ-साथ अरहर, मक्का और बाजरा जैसी मुख्य खरीफ फसलों की बुआई का काम प्रभावित हो रहा था। ऐसे में मौसम विभाग का यह ताजा अनुमान किसानों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है, क्योंकि अब और देरी होने पर फसलों के कुल उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता था।