मुंबई: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने घोषणा की है कि बाजार नियामक जल्द ही भारतीय पूंजी बाजार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के जिम्मेदार एवं नियंत्रित उपयोग के लिए नए नियामक दिशानिर्देश पेश करेगा। मुंबई में आयोजित FICCI CAPAM2026 सम्मेलन के 23वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि नए नियमन ढांचे का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ निवेशकों के हितों और बाजार की स्थिरता की रक्षा करना है।
FORTUNE INDIA के अनुसार, सेबी अध्यक्ष ने बताया कि आगामी दिशानिर्देशों में जोखिम के आधार पर एक बहुस्तरीय (Tiered) ढांचा अपनाया जाएगा। इस ढांचे में बाजार में काम करने वाली मध्यस्थ संस्थाओं, ब्रोकिंग फर्मों और फंड हाउसों के लिए स्पष्ट जवाबदेही और मजबूत गवर्नेंस कंट्रोल निर्धारित किए जाएंगे। इसके तहत आपात स्थिति में स्वचालित एल्गोरिदम को तुरंत रोकने के लिए 'किल स्विच' (Kill Switch), निर्णय लेने की प्रक्रिया में मानवीय निगरानी के लिए 'ह्यूमन्स-इन-द-लूप' (Humans-in-the-loop) और सख्त डेटा गोपनीयता नियंत्रण लागू करना अनिवार्य होगा।
अपने संबोधन में सेबी प्रमुख ने रेखांकित किया कि भारतीय पूंजी बाजार अब केवल आर्थिक गतिविधियों के सूचकांक मात्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वे देश के आर्थिक विकास के प्रमुख चालक बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सेबी प्राथमिक और द्वितीयक बाजारों की प्रक्रियाओं को और सरल बनाने के लिए नियम-पुस्तिकाओं तथा एसएमई (SME) आईपीओ ढांचे की व्यापक समीक्षा भी कर रहा है। सम्मेलन में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने भी एआई तकनीक द्वारा वित्तीय संस्थानों और निवेश परिदृश्य में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों पर अपने विचार साझा किए।