बेंगलुरु: शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के वित्तीय आंकड़ों और विश्लेषणात्मक अनुसंधान में कार्यरत अग्रणी प्लेटफॉर्म 'म्यूनिफाई' (Munify) ने देश के नगर निगमों के लिए एक विशेष डिजिटल 'म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म' शुरू करने की घोषणा की है। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल बाजार मंच है, जो देश के 250 से अधिक नगर निगमों और शहरी निकायों को वाणिज्यिक बैंकों, वित्तीय संस्थानों, विकास वित्त संस्थानों (DFIs), प्रभाव निवेशकों (Impact Investors) तथा अनुदान प्रदाताओं से सीधे जोड़ेगा।
द्वारा जारी रिपोर्टों के अनुसार, भारत में शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वर्ष 2036 तक अनुमानित 840 अरब डॉलर और 2050 तक लगभग 2.4 ट्रिलियन (2,400 अरब) डॉलर के विशाल निवेश की आवश्यकता होगी। इसके विपरीत, वर्तमान में भारतीय नगर निकायों का कुल व्यय देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1 प्रतिशत से भी कम है, जबकि कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह आंकड़ा 8 से 14 प्रतिशत तक है। म्यूनिफाई का नया प्लेटफॉर्म क्रेडिट स्कोर, वित्तीय विश्लेषण, मानकीकृत प्रोजेक्ट डेटा और दस्तावेजीकरण को एक ही साझा डिजिटल परितंत्र पर लाकर नगर निगमों के लिए संस्थागत पूंजी जुटाना आसान बनाएगा।
कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों के दौरान इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता और निवेश सुलभ कराना है। म्यूनिफाई की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के. सुबालक्ष्मी ने कहा कि भारतीय शहरों में परियोजनाओं की कोई कमी नहीं है, बल्कि समस्या वित्तीय संसाधनों तक सुगम पहुंच की है। यह नया मंच पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाकर शहरी विकास परियोजनाओं को निवेश-योग्य बनाएगा।