भारत के प्रीमियम पीसी (PC) मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब केवल गेमर्स ही नहीं, बल्कि प्रोग्रामर्स, डेवलपर्स और छात्र समर्पित ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) वाले लैपटॉप्स की मांग को तेजी से बढ़ा रहे हैं। इस मांग को पूरा करने और भुगतान को आसान बनाने में आसान ईएमआई (EMI) और कैश-बैक ऑफर्स की अहम भूमिका है।
एसर इंडिया (Acer India) के प्रोडक्ट मैनेजमेंट ग्रुप के सीनियर डायरेक्टर जी एस सोंधी ने इस ट्रेंड और भारतीय लैपटॉप मार्केट के बदलते समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की।
गेमिंग से AI और कोडिंग की ओर शिफ्ट
पहले समर्पित GPU वाले लैपटॉप्स को केवल गेमिंग के लिए ही उपयुक्त माना जाता था, जबकि बिना GPU वाले सामान्य लैपटॉप्स का अलग सेगमेंट था। हालांकि, अब यह अंतर समाप्त हो रहा है।
- लोकल AI वर्कलॉड: कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में LLMs (लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स), जनरेटिव AI ऐप्स और AI एजेंट्स को स्थानीय स्तर (Local System) पर चलाने के लिए पावरफुल GPU की जरूरत हो रही है।
- लाइटवेट डिजाइन: कोडर्स को भारी-भरकम गेमिंग लैपटॉप्स के बजाय पतले, हल्के (Slim & Lightweight) लेकिन शक्तिशाली GPU वाले लैपटॉप पसंद आ रहे हैं।
प्रीमियम सेगमेंट में उछाल और EMI का सहारा
एसर के अनुसार, भारतीय लैपटॉप बाजार मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बंटा है:
- एंट्री-लेवल: ₹30,000 से ₹45,000
- अपग्रैडेड सेगमेंट: ₹60,000 से ₹70,000
- प्रीमियम सेगमेंट: ₹80,000 और उससे अधिक
वर्तमान में ₹80,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम सेगमेंट में ग्राहकों की दिलचस्पी सबसे ज्यादा बढ़ी है। उपभोक्ता अब ऐसे लैपटॉप खरीद रहे हैं जो 3 से 4 साल तक बिना किसी परेशानी के चल सकें।
खास बात: एसर के मुताबिक, प्रीमियम लैपटॉप्स की लगभग 50% खरीदारी EMI (किस्तों) के जरिए हो रही है, जिससे महंगे लैपटॉप खरीदना ग्राहकों के लिए आसान हो गया है।
एसर इंडिया ने डेल और लेनोवो को पछाड़ा
शोध फर्म IDC की रिपोर्ट (Q1 2026) के अनुसार, 21.3% मार्केट शेयर के साथ एसर (Acer) अब भारत का दूसरा सबसे बड़ा PC ब्रांड बन गया है। कंपनी ने पिछले 3 वर्षों में लगभग 30% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है।
सरकारी और बैंकिंग ऑर्डर: तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन (ELCOT) से मिले 5.5 लाख यूनिट्स के बड़े ऑर्डर और केनरा बैंक से मिले 10,000 यूनिट्स के ऑर्डर ने एसर की विकास दर को भारी मजबूती दी है।
💾 ग्लोबल मेमोरी संकट और कीमतों पर प्रभाव
दुनिया भर में डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के कारण मेमोरी चिप्स (RAM व स्टोरेज) की भारी किल्लत हुई है।
- कॉस्ट प्रेशर: लैपटॉप में लगने वाली मेमोरी चिप्स की कीमत CPU से भी अधिक हो गई थी।
- राहत की खबर: हालांकि, सोंधी ने बताया कि मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी की दर अब थमी है—जो पहले 20-30% की दर से बढ़ रही थी, वह अब घटकर लगभग 5% पर स्थिर हो रही है।