भारत की प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता कंपनी HCLTech (एचसीएलटेक) ने डार्क वेब पर एक हैकर ग्रुप द्वारा कर्मचारियों का डेटा लीक करने के दावों पर अपनी प्रतिक्रिया जारी की है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि उसके आंतरिक (Internal) सिस्टम सुरक्षित हैं और ब्रीच (सेंधमारी) का कोई सबूत नहीं मिला है।
⚠️ क्या था हैकर का दावा?
डार्क वेब फोरम पर एक हैकर (Threat Actor) ने दावा किया था कि उसने HCLTech के 2,50,000 से अधिक कर्मचारियों का डेटा लीक कर दिया है और उसे बेचने के लिए उपलब्ध कराया है।
- लीक डेटा का विवरण: दावा किया गया था कि इसमें कर्मचारियों के नाम, ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, जॉब टाइटल्स, विभाग और सर्विस अकाउंट रिकॉर्ड्स शामिल हैं।
- हमले का जरिया: हैकर के अनुसार, यह डेटा 'माक्रोसॉफ्ट अज़ूर टेनेंट' (Microsoft Azure Tenant) के माध्यम से कॉम्प्रोमाइज्ड क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके हासिल किया गया था।
🛡️ HCLTech और TCS का आधिकारिक रुख
कंपनी ने अपनी फाइलिंग और बयानों में इन दावों को खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की:
- सिस्टम सुरक्षित: HCLTech की शुरुआती जांच में कंपनी के सिस्टम या क्लाइंट प्रोजेक्ट्स में किसी भी तरह की सेंधमारी (breach) का कोई सबूत नहीं मिला है।
- सीमित और पुराना डेटा: कंपनी ने कहा कि जिस डेटा का दावा किया जा रहा है, वह बहुत सीमित (limited) है और कई साल पुराना हो सकता है।
- जांच जारी: HCLTech ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर इसकी रिपोर्ट की जाएगी।
TCS ने भी दी ऐसी ही जानकारी: HCLTech से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने भी ऐसे ही एक अलर्ट पर सफाई दी थी। TCS ने भी बताया कि लीक के दावों में शामिल डेटा 4 साल से अधिक पुराना और बुनियादी जानकारी तक सीमित है, जबकि उनके अपने मुख्य सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं।