देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज एलपीजी सिलेंडरों की दरों में कोई बदलाव न करते हुए कीमतें स्थिर रखी हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में इस माह की शुरुआत में हुई 192 रुपये की भारी कटौती के बाद दरों का यथावत रहना उपभोक्ता-वर्ग के लिए राहत लेकर आया है। इस बीच, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत ने अपनी ऊर्जा आयात रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।
भारत सरकार ने इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी दिग्गज रिफाइनिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे वर्ष 2027 के लिए अपने कुल एलपीजी आयात का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए हासिल करें। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों सरकारी कंपनियां संयुक्त टेंडर जारी कर अमेरिकी ऊर्जा निर्यातकों के साथ दीर्घकालिक समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
अमेरिका लगातार भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभर रहा है, जहां से चालू वर्ष के अगस्त महीने तक रिकॉर्ड 3.9 मिलियन टन एलपीजी की रिकॉर्ड आवक दर्ज की जा चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत जैसे विशाल ऊर्जा बाजार को अपना निर्यात बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। मध्य पूर्व के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता घटाने और सप्लाई चेन विविधता लाने की भारत की यह दूरगामी पहल आने वाले समय में घरेलू ईंधन बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मददगार साबित होगी।